जूनियर डॉक्टर की हड़ताल का असर! इलाज नहीं मिलने से मरीज की हो गई मौत, कौन होगा इसका जिम्मेदार?

जूनियर डॉक्टर की हड़ताल का असर! इलाज नहीं मिलने से मरीज की हो गई मौत, कौन होगा इसका जिम्मेदार?

पटना। यहां हम दो तस्वीरें दिखा रहे हैं, एक जूनियर डॉक्टरों की है, जो मानदेय ( स्टाइफन) में बढ़ोतरी की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। दूसरी तस्वीर उस बिलखते परिवार की है, जिनके किसी अपने की सिर्फ इसलिए मौत हो गई क्योंकि वह इलाज के लिए अस्पताल आए थे, वह अस्पताल, जहां लोगों की जिंदगी बचाने का काम होता है, लेकिन यहां मरीज का इलाज ही नहीं हुआ, नतीजा प्रदेश की सरकारी व्यवस्था ने उस मरीज की जान ले ली। अब अस्पताल के अधिकारी, हड़ताल पर बैठे डॉक्टर और प्रदेश सरकार बताए कि इस मौत के लिए कौन जिम्मेदार है।

तस्वीर नालंदा मेडिकल कॉलेज हॉस्पीटल की है। यहां एक महिला को इलाज के लिए समस्तीपुर से लाया गया था, परिजन इमरजेंसी के बाहर मरीज के साथ खड़े रहे, लेकिन डॉक्टर उस मरीज का इलाज करने से मना कर दिए और उस मरीज को एमरजेंसी बार्ड के अंदर भी आने नही दिया गया।मरीज के परिजन लगातार डाक्टरो से गुहार लगाते रहे फिर भी उनका कोई सुनने को तैयार नही हुआ। अंतः उस महिला मरीज की मौत हो गई। ऐसे में धरती के भगवान कहे जाने वाले डाक्टरो का करतूत सामने आ गया। जब मरीज की मौत को लेकर यहां के मेडिकल सुपरीटेडेंट से बात की गई तो उन्होंने अस्पताल में मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी होने से इनकार किया। मरीज की मौत को लेकर उन्होंने कहा कि यह अस्पताल है, यहां ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। 

पलायन कर रहे मरीज

NMCH हड़ताल के कारण मरीजों का पलायन शुरू हो गया है। मरीज के परिजन इलाज के अभाव में मरीज को लेकर निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रहे है। इससे पहले जूनियर डॉक्टर आज सुबह से ही रजिस्ट्रेशन काउंटर और OPD सेवा को बंद करवा दिया। जिसके कारण मरीजों को इलाज कराने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ । हड़ताल का असर तस्वीर में साफ देखा जा सकता हैं। अस्पताल के जमीन पर मरीज और मरीज के परिजन बैठे है। मरीज का इलाज तो दूर उनकी दर्द को कोई सुनने वाला नहीं है। जबकि एमएस का कहना है कि जूनियर रेसीडेंसी के हड़ताल का कोई असर नहीं पड़ता है। उन्होंने साफ किया कि अस्पताल में ऑपरेशन पहले की तरह किया जा रहा है और मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं है। अस्पताल के अधीक्षक ने बताया कि नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सभी वार्डों में और आपातकालीन सेवा में सीनियर डॉक्टर कार्य कर रहे हैं मरीजों को कोई परेशानी नहीं हो रही है


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