पलटी मारने का कंपीटिशन! मांझी ने 'नीतीश' की तुलना महामाया बाबू से की, बोले- वे भी बार-बार पाला बदलते थे...

पलटी मारने का कंपीटिशन! मांझी ने 'नीतीश' की तुलना महामाया बाबू से की, बोले- वे भी बार-बार पाला बदलते थे...

PATNA : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने इस बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर कुछ ऐसा बोल दिया है। जिसके बाद बिहार की राजनीति में नया बवाल शुरू हो गया है। उन्होंने नीतीश कुमार की तुलना पूर्व मुख्यमंत्री महामाया प्रसाद से करते हुए कहा कि उन्होंने कई बार पाला बदल कर सरकार बनाई थी। वही इसे गलत नहीं मानते थे। उनका कहना था कि जनहित के लिए सौ बार ऐसा करना पड़ेगा, तो भी कोई दिक्कत नहीं है। इसी कारण जन क्रांति पार्टी के महामाया प्रसाद सिन्हा के नाम पर सभी दल सहमत हो गए. पार्टी के अकेले विधायक होने के बाद भी महामाया प्रसाद मार्च 1967 में बिहार के मुख्यमंत्री बने, जबकि कर्पूरी ठाकुर उप मुख्यमंत्री। अब नीतीश कुमार को भी ऐसा लगेगा कि जनहित में ऐसा किया जाए, तो इसमें कोई गलत बात नहीं है।

  पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री थे महामाया प्रसाद

 गैर कांग्रेस पार्टियों की मिलीजुली सरकार 33 सूत्री न्यूनतम साझा कार्यक्रम के आधार पर चल रही थी. महामाया की सरकार बनते ही राज्य को सूखा और बाढ़ का सामना करना पड़ा. इसमें सूबे की हालत खराब हो गई. हालांकि मिलीजुली सरकार के मंत्रियों ने इन संकट का कड़ी मेहनत और ईमानदारी से सामना किया और काबू भी पाया. इसके बाद इस सरकार की तारीफ भी हुई. लेकिन सरकार के कुछ सत्ता लोभी नेताओं की महत्वाकांक्षा के कारण जनवरी 1968 में यह सरकार गिर गई. 

उस समय की सभी विरोधी पार्टियां कम्युनिस्ट, सोशलिस्ट, जनसंघ आदि ने मिल-जुलकर संविद सरकार का गठन किया। महामाया प्रसाद सिन्हा अपनी पार्टी कृषक मजदूर प्रजा पार्टी (Krishak Mazdoor Praja Party) के अकेले विधायक के रूप में जीते थे। उन्होंने पटना पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से कृष्ण बल्लभ सहाय (Krishna Ballabh Sahai) को पराजित किया था। पांच मार्च 1967 को महामाया प्रसाद सिन्हा के नेतृत्व में बिहार में संविद सरकार बनी। इसमें कांग्रेस को छोड़ सभी दल शामिल हुए। इस तरह महामाया प्रसाद सिन्हा अपने दल के अकेले विधायक होने के बावजूद मुख्यमंत्री चुन लिए गए

कौन थे महामाया प्रसाद सिंह

महामाया प्रसाद सिन्हा  का जन्म 1 मई 1909 को हुआ था। भारतीय राजनीतिज्ञ और जल क्रांति दल के राजनेता थे। वह 5 मार्च 1967 से 28 जनवरी 1968 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे। साथ ही बिहार में पहली गैर कांग्रेसी सरकार बनाने का रिकॉर्ड भी उनके नाम पर दर्ज है। 1987 में महामाया प्रसाद सिंह का देहांत हो गया





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