बालिका गृह कांड में कोर्ट ने दिया महत्वपूर्ण आदेश, मुख्य आरोपी के भाई को भी अब जाना पड़ेगा जेल, बेल की अर्जी खारिज

बालिका गृह कांड में कोर्ट ने दिया महत्वपूर्ण आदेश, मुख्य आरोपी के भाई को भी अब जाना पड़ेगा जेल, बेल की अर्जी खारिज

MUZAFFARPUR : बिहार के सबसे चर्चित मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड में कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश देते हुए मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के भाई रमेश कुमार की अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट के फैसले के बाद अब रमेश कुमार पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है। बता दें कि रमेश कुमार उस समय स्वाधार गृह का सचिव था।

विशेष कोर्ट में हुई सुनवाई

गौरतलब है कि बालिका गृह कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश कुमार को उम्र कैद की सजा हो चुकी है और फिलहाल दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद हैं। वहीं अब उनके भाई रमेश कुमार पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। इसी कार्रवाई से बचने के लिए रमेश कुमार ने अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी। लेकिन इस पर सुनवाई करते हुए विशेष कोर्ट के जज पुनीत कुमार गर्ग ने सोमवार को रमेश की याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने नौ जून को अर्जी पर सुनवाई पूरी करते हुए आदेश सुरक्षित रख लिया था।


30 अप्रैल को दर्ज किया गया था चार्जशीट

स्वाधार गृह से 11 महिलाओं व चार बच्चों के गायब होने पर रमेश के खिलाफ भी महिला थाने की पुलिस को साक्ष्य मिले थे। इस आधार पर बीते 30 अप्रैल को पुलिस ने रमेश कुमार व अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। वह सकरा के पचदही का निवासी है। फिलहाल, दिल्ली में रह रहा है। 

11 महिलाएं और चार बच्चे मिले थे गायब

स्वाधार गृह कांड को लेकर 30 जून 2018 को महिला थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बालिका गृह कांड के खुलासे के बाद अधिकारियों ने नगर थाना के साहू रोड स्थित भारत माता लेन में स्वाधार गृह की जांच की थी। स्वाधार गृह का संचालन भी रमेश ठाकुर ब्रजेश की संस्था सेवा संकल्प एवं विकास समिति का सचिव था। इस गृह से 11 महिलाएं और चार बच्चे गायब मिले थे।


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