Waqf Amendment Bill 2025: तेजस्वी यादव ने दिखाया तेवर! कहा-' वक्फ संशोधन विधेयक को बिहार में नहीं लागू होने देंगे'
तेजस्वी यादव ने वक्फ संशोधन विधेयक को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि उनकी सरकार बनने पर इसे बिहार में लागू नहीं होने दिया जाएगा। जानें पूरी खबर।

Waqf Amendment Bill 2025: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर अपने तीखे तेवर दिखाते हुए वक्फ संशोधन विधेयक पर जोरदार विरोध दर्ज कराया है। पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर राजद की सरकार बिहार में बनती है तो इस विधेयक को किसी भी कीमत पर लागू नहीं किया जाएगा और "इसे कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा।"
उन्होंने कहा कि RJD ने इस विधेयक के खिलाफ लोकसभा और राज्यसभा में मजबूती से विरोध किया और इसका खुलकर विरोध किया। तेजस्वी ने इसे न केवल अल्पसंख्यकों के खिलाफ बताया बल्कि संविधान के अनुच्छेद 26 का भी उल्लंघन करार दिया।
भाजपा के लोग शत प्रतिशत संविधान विरोधी हैं!
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) April 5, 2025
वे लोग हमेशा विभिन्न वर्गों को निशाना बनाते हुए संविधान पर कुठाराघात करते रहते हैं!
वक्फ़ संशोधन बिल संविधान विरोधी है!
समय-समय पर भाजपा की सरकार इस तरह के प्रयास करती है जिससे लोगों का ध्यान उनके वास्तविक मुद्दों... जैसे गरीबी,… pic.twitter.com/wMOvaue3Gr
न्याय की लड़ाई कोर्ट तक जारी रहेगी: तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव ने यह भी ऐलान किया कि उनकी पार्टी इस विधेयक के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने कहा कि हमने सदन से लेकर सड़क और अब कोर्ट तक लड़ाई छेड़ दी है। यह सिर्फ एक बिल नहीं, बल्कि मुसलमानों, दलितों और पिछड़ों के अधिकारों पर हमला है।”वक्फ संपत्तियों को लेकर पहले से ही अनेक विवाद हैं, और इस संशोधन विधेयक से उनके प्रबंधन और नियंत्रण में सरकार की दखलअंदाजी बढ़ने की आशंका है। राजद का आरोप है कि यह विधेयक धार्मिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार पर सीधा प्रहार है।
भाजपा की नीति दलित-पिछड़ा विरोधी: तेजस्वी का आरोप
तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में भारतीय जनता पार्टी पर भी करारा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल मुस्लिम समुदाय ही नहीं बल्कि दलित, पिछड़ा, आदिवासी और अतिपिछड़ा वर्ग के अधिकारों को भी कुचलने की राजनीति करती है।उन्होंने कहा कि भाजपा ने जिस तरह से 65 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था को रोकवाया, वह इस बात का प्रमाण है कि उनकी नीति वंचित वर्गों के खिलाफ है।ये लोग मुसलमानों के हितैषी होने का ढोंग करते हैं, लेकिन असलियत सबके सामने है। अब जनता को समझना होगा कि किसके साथ खड़ा होना है,” तेजस्वी ने कहा।
वक्फ संशोधन विधेयक: क्या है मामला?
भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया वक्फ संशोधन विधेयक केंद्र सरकार को यह अधिकार देता है कि वह वक्फ संपत्तियों की निगरानी, प्रबंधन और नियमन में प्रत्यक्ष भूमिका निभा सके।आलोचकों का मानना है कि इससे अल्पसंख्यक समुदायों की धार्मिक स्वायत्तता पर असर पड़ेगा, क्योंकि वक्फ बोर्ड को अब सरकार के अधीन काम करना होगा। राजद सहित कई विपक्षी दल इस विधेयक को मुसलमानों के खिलाफ साजिश बता रहे हैं।
सियासत की नई धुरी बना वक्फ विधेयक
वक्फ संशोधन विधेयक अब केवल एक कानूनी विषय नहीं रह गया है, यह राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। तेजस्वी यादव का सख्त रुख यह बताता है कि विपक्ष इस बिल को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में है।राजनीतिक दलों के लिए यह एक समर्थन बनाम विरोध की नई रेखा खींच रहा है, जहां अल्पसंख्यकों का अधिकार, संविधान की रक्षा, और राजनीतिक अस्मिता जैसे मुद्दे प्रमुख हो गए हैं।