वर्ल्ड एड्स डे की पूर्व संध्या पर बोले डॉ. दिवाकर तेजस्वी, कहा सामान्य जीवन जी सकता है एचआईवी संक्रमित मरीज

वर्ल्ड एड्स डे की पूर्व संध्या पर बोले डॉ. दिवाकर तेजस्वी, कहा सामान्य जीवन जी सकता है एचआईवी संक्रमित मरीज

PATNA : विश्व एड्स दिवस की पूर्व संध्या पर पहल के चिकित्सा निदेशक और वरिष्ठ एड्स विशेषज्ञ डॉ दिवाकर तेजस्वी ने इस बीमारी के लक्षण एवं बचाव के बारे में विशेष रुप से जानकारी दी। साथ ही लोगों में इस बीमारी के संबंध में फैली भ्रांतियों को दूर किया। 

डॉक्टर तेजस्वी ने एचआईवी/ एड्स के कारण लक्षण एवं बचाव के बारे में विशेष रूप से जानकारी देते हुए कहा कि एचआईवी के फैलने का मुख्य कारण एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों से असुरक्षित यौन संबंध बनाने से, एचआईवी संक्रमित सुई का प्रयोग करने से, एचआईवी संक्रमित खून के शरीर में चढ़ाए जाने से एवं एचआईवी संक्रमित गर्भवती महिला से उसके नवजात शिशु में संक्रमण का खतरा रहता है। उन्होंने बताया की जांच की व्यवस्था सुदूर क्षेत्रों में एवं नए गाइडलाइन के अनुसार जल्द से जल्द सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति भी  दवाओं का सेवन कर संयमित जीवन जीते हुए लगभग सामान्य जीवन यापन कर सकता है। डॉ तेजस्वी ने बताया कि संक्रमण के दौरान धीरे-धीरे वजन घटना, कमजोरी, लगातार दस्त, बुखार, ग्रंथियों में सूजन, चमड़े में फुंसियां, भूख में कमी आदि इस बीमारी के मुख्य लक्षण है। 

एचआईवी के संक्रमण से बचने के लिए असुरक्षित यौन संबंध न बनाएं, संक्रमित व्यक्ति चिकित्सक की सलाह पर दवा का प्रयोग करें एवं संयमित जीवन जिए, गर्भवती मां अपने नवजात को संक्रमण से बचाने के लिए चिकित्सक की सलाह पर दवा का प्रयोग करें। डॉ दिवाकर ने बताया कि एचआईवी के संक्रमण के बाद टीवी होने की आशंका बहुत तेजी से बढ़ जाती है। बिहार में 60% से अधिक एड्स पीड़ित लोगों में टीवी की बीमारी देखी जाती है। 

उन्होंने यूनिवर्सल वर्क्स प्रिकॉशन के द्वारा एड्स के बचाव के बारे में बताया। एचआईवी से संक्रमित नीडल के गलती से चूक जाने के बाद एचआईवी से संक्रमित होने का खतरा 1000 निडिल चुभे व्यक्तियों में से मात्र 3 व्यक्तियों को ही होता है। यदि संक्रमित निडिल चुभने के चंद घंटों के भीतर पोस्ट एक्स्पोज़र प्रोफाइलिसी दवाओं का सेवन 28 दिनों तक नियमित रूप से चिकित्सीय देखरेख में की जाए तो इसे संक्रमण का खतरा 80% कम हो जाता है। बिहार में 2021 के अंत तक 15 से 49 वर्ष के लोगों के बीच 0.16 प्रतिशत एचआईवी का प्रीवैलेस पाया जाता है। कुल चिन्हित रोगियों की संख्या 142 793 पाई गई है। पूरे भारतवर्ष में 20 21 के अंत में 15 से 49 वर्ष के लोगों के बीच 0.21 % प्रीवैलेस एवं कुल संख्या 2401284 पाई गई। इस अवसर पर पीएनपी प्लस के अध्यक्ष अन्नू कुमारी, नूरजहां सिद्दीकी, सुषमा सिन्हा और रीता देवी को एड्स रोगियों के लिए किए गए सकारात्मक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। 

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