जजों व गणमान्य व्यक्तियों पर किए गए आपत्तिजनक टिप्पणी पर मेटावर्स, यू-ट्यूब और ट्विटर को EOU ने भेजा नोटिस

जजों व गणमान्य व्यक्तियों पर किए गए आपत्तिजनक टिप्पणी पर मेटावर्स, यू-ट्यूब और ट्विटर को EOU ने भेजा नोटिस

PATNA : पटना हाई कोर्ट ने साइबर क्राइम से जुड़े जजों समेत अन्य गणमान्य व्यक्तियों के विरुद्ध किये गए आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले पर सुनवाई हुई। शिव कुमार की याचिका पर जस्टिस संदीप कुमार द्वारा सुनवाई के दौरान आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के डीआईजी और एसपी मौजूद थे। इन्होंने शपथ पत्र पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल किया और अनुसंधान के संबंध में जानकारी दी। 

उन्होंने बताया कि इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर, यू ट्यूब, व्हाट्सएप, मेटा औऱ मैसेंजर को यू एस ए में स्थित कार्यालयों के माध्यम से नोटिस जारी किया गया है। कोर्ट ने एमिकस क्यूरी को मीडिया प्लैटफॉर्म के इंडियन एड्रेस की आपूर्ति ई ओ यू को करने का आदेश दिया है, ताकि ई ओ यू द्वारा जारी नोटिस को सही तरीके से उन्हें दिया जा सके। 


कोर्ट ने यह उम्मीद जताया है कि इंस्टाग्राम, फेसबूक, ट्विटर, यू ट्यूब, व्हाट्सएप, मेटा व मैसेंजर अनुसंधान में ईओयू को सहयोग करेंगे। फिलहाल कोर्ट ने इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर, यू ट्यूब, व्हाट्सएप, मेटा व मैसेंजर को नोटिस नहीं किया है। कोर्ट को सहयोग करने के लिए नियुक्त एमिकस क्यूरी ने कोर्ट को जानकारी दी कि उनका फेसबुक एकाउंट किसी के द्वारा हैक कर लिया गया है। कोर्ट ने ईओयू को एमिकस क्यूरी के फेसबुक एकाउंट हैक किये जाने के संबंध में भी अनुसंधान करने का आदेश दिया और कानून के मुताबिक कार्रवाई करने को कहा। 

29 नवंबर, 2021 के आदेश के मुताबिक, इस मामले को साइबर क्राइम मामला ध्यान में रखते हुए आगामी 20 दिसंबर को लिस्ट किया गया है। इस तिथि को फाइनेंसियल इंटेलिजेंस यूनिट ( एफआईयू ) को कोर्ट को सहयोग करने को कहा गया है। 15 दिसंबर, 2021 के आदेश से उत्पन्न ईओयू द्वारा द्वारा अनुसंधान किये जा रहे आपत्तिजनक पोस्ट के मामलों पर सुनवाई आगामी 24 दिसंबर को होगी।

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