ICU में हुई शादी! मरती मां ने जताई आखिरी इच्छा कि आंखों के सामने हो बेटी की शादी, आज होनी थी सगाई, उससे एक दिन पहले ही हो गया विवाह

ICU में हुई शादी! मरती मां ने जताई आखिरी इच्छा कि आंखों के सामने हो बेटी की शादी, आज होनी थी सगाई, उससे एक दिन पहले ही हो गया विवाह

GAYA : रविवार को एक फिल्मी कहानी ने हकीकत का रूप ले लिया। जब एक प्राइवेट अस्पताल के आईसीयू में एक जोड़े की शादी कराई गई। इस अनोखी शादी में न सिर्फ दूल्हा-दुल्हन के परिवार के लोग मौजूद रहे, बल्कि अस्पताल के कर्मी भी मौजूद रहे। लेकिन इस शादी की खुशियां मनाई जाती, उससे पहले ही सभी की आंखे नम हो गई।

दरअसल, आईसीयू में हुए यह अनोखी शादी गया जिले के मजिस्ट्रेट कॉलोनी के सामने स्थित अर्श हॉस्पीटल में कराई गई। बताया गया कि गुरारू प्रखंड के बाली गांव केनिवासी ललन कुमार की पत्नी पूनम कुमारी वर्मा कई दिनों से बीमार थी। सीरियस होने के बाद उन्हें अर्श हास्पिटल गया में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर ने कहा कि मरीज की हालत गंभीर है और किसी भी समय मौत हो सकती है. ऐसी हालत में मरीज पूनम कुमारी वर्माने  परिजनों के सामने शर्त रख दी कि उनकी बेटी चांदनी कुमारी की शादी उनके जिंदा रहते कर दी जाये।

मरते-मरते दिया आशीर्वाद

परिजनों ने बताया कि चांदनी कुमारी का इंगेजमेंट 26 दिसंबर को गुरुआ प्रखंड के सलेमपुर गांव के निवासी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त विद्युत कुमारअंबेडकर एवं नीलम कुमारी के इंजीनियर पुत्र सुमित गौरव के साथ होना तय था, लेकिन लड़की की मां की जिद के कारण दोनों की शादी इंगेजमेंट की निर्धारित तिथि के एक दिन पहले ही कर दी गयी. दुखद बात यह रही कि शादी के महज दो घंटे बाद ही लड़की की मां का निधन हो गया।

आईसीयू के गेट पर हुई शादी की रस्म

शादी अर्श हास्पिटल में ही आइसीयू रूम के दरवाजे के बाहर युवक संघ पद्धति से संपन्न हुई. सुमित गौरव के चाचा अजीत कुमार लोहिया ने वर और वधू कोशपथपत्र पढ़वाकर शादी संपन्न करवाया. मौके पर शैलेन्द्र कुमार मंडल, कुमारी शर्मिलाटैगोर, कुमारी प्रमिला टैगोर, मणिभूषण, ज्योति, गुनगुन व जदयू नेता अरविंद कुमारवर्मा सहित दर्जनों लोग मौजूद थे। बड़ी बात यह कि यह पूरी शादी बिना किसी तिलक दहेज के की गई।

मां की इच्छा को किया पूरा

शादी होने के महज दो घंटे बाद ही अपनी मां को खोनेवाली चांदनी कुमारी ने बताया कि उनकी मां पूनम कुमारी वर्मा मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एएनएम के पद पर कार्यरत थीं और कोरोना कालसे ही लगातार बीमार रह रही थी. वह हृदय रोग से पीड़ित थी. मां की इच्छा रखने के लिएअस्पताल में शादी की।

दादा से प्रभावित था सुमित

सुमीत गौरव के दादा स्मरणीय सिद्धेश्वर प्रसाद सिन्हा युवक संघ के संस्थापक सदस्य थे एवं दादी स्मरणीय चमेली देवी शिक्षिका थी. वे आजीवन ब्रह्मणवाद, अंधविश्वास और रूढ़िवादिता के खिलाफ लड़ाई लड़ते रहे. सुमित गौरव ने भी अपने दादा से प्रभावित होकर युवक संघ पद्धति से शादी का निर्णय लिया।

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