लोजपा नेतृत्व को लेकर अब चुनाव आयोग करेगा फैसला, जानिए दोनों गुटों को क्या दिया गया है निर्देश

लोजपा नेतृत्व को लेकर अब चुनाव आयोग करेगा फैसला, जानिए दोनों गुटों को क्या दिया गया है निर्देश

NEW DELHI : लोजपा की लड़ाई अब पटना से हटकर नई दिल्ली पहुंच गई है, जहां चिराग पासवान और पार्टी के नए अध्यक्ष घोषित किए गए पशुपति पारस ने पार्टी सिंबल के लिए चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है। बताया जा रहा है कि इलेक्शन कमीशन ने भी दोनों गुटों के बीच लड़ाई पर संज्ञान लेते हुए निर्देश दिया है कि जबतक सिंबल का फैसला नहीं होता है, तब तक वह पार्टी कार्यालय में मौजूद रहें। माना जा रहा है कि आयोग आज देर शाम तक पार्टी के सिंबल को लेकर अपना निर्णय सुना सकता है। लेकिन उससे पहले दोनों पक्षों की बातों को भी सुनना चाहता है। 

इससे पहले कल पार्टी कार्यकारिणी की बैठक में पशुपति पारस को निर्विरोध लोजपा का नया अध्यक्ष घोषित किया गया, जिसके बाद नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं इस चुनाव को अवैध बताते हुए चिराग पासवान ने लोकसभा अध्यक्ष का दरवाजा खटखटाया है। 

चिराग ने पशुपति के अध्यक्ष बनाने के फैसले को अवैध घोषित करते कहा है कि पार्टी के संविधान में अध्यक्ष पद को तभी हटाया जा सकता है, जब वह खुद से इस्तीफा दे या उसकी मौत हो जाए। अन्य किसी भी स्थिति में अध्यक्ष पद से हटाने का नियम पार्टी में नहीं है। अब चिराग के इस दावे के बाद लोकसभा अध्यक्ष पार्टी के संविधान को लेकर जानकारी मांगी है, जिसके आधार पर यह तय किया जाएगा कि लोजपा का नेतृत्व चिराग के पास रहेगा या पशुपति पारस के पास। मामले में दोनों गुटों की तरफ से आज शाम नई दिल्ली में प्रेस वार्ता भी बुलाई गई है। 



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