15 साल राज करने के बाद JDU नेताओं को सच सुनने की शक्ति चली गई, नहीं सुधरे तो जनता सबक सिखायेगी-लोजपा

15 साल राज करने के बाद JDU नेताओं को सच सुनने की शक्ति चली गई, नहीं सुधरे तो जनता सबक सिखायेगी-लोजपा

PATNA: बिहार में सत्ताधारी जेडीयू-लोजपा के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा।दोनों दल के नेता एक-दूसरे पर हमला जारी रखे हुए हैं।एक बार फिर से लोजपा की तरफ से जेडीयू पर करारा वार किया गया है।लोजपा सीएम नीतीश के शासनकाल पर सीधा वार किया है।पार्टी ने कहा है कि 15 साल राज करने के बाद जेडीयू को सच सुनने की शक्ति चली गई है।लोजपा ने कहा है कि जेडीयू नहीं सुधरी तो जनता सबक सीखा देगी।

लोजपा संसदीय बोर्ड के मेंबर सह प्रवक्ता संजय सिंह ने जेडीयू पर अटैक करते हुए कहा कि नीतीश कुमार की पार्टी के नेताओं को सच सुनना पसंद नहीं है।उन्हें 15 साल में सच सुनने की शक्ति चली गई है,अगर सुनते तो व्यवस्था में सुधार करते। हमारे नेता चिराग पासवान जब नियोजित शिक्षक की आवाज़ बने तो उन्हें बाग़ी कह दिया गया।आज जेडीयू चिराग पासवान के रास्ते पर चल कर शिक्षकों को उनका थोड़ा बहुत हक़ दिया है. उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री ने ट्वीट किया की बिहार में टेस्टिंग बढ़े, उसको पार्टी ने रिट्वीट किया तो जेडीयू नेता ने चिराग पासवान को कालिदास कह दिया। जेडीयू नेताओं की यह हरकत ठीक नहीं है। समय पर इसका भी जवाब जनता देगी।


लोजपा प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा को जब जेडीयू छोड़ कर चली गई थी तब चिराग़ पासवान आगे आकर खड़े हुए थे। जेडीयू अगर नहीं सुधरी तो सबक़ अब जनता सिखाएगी.लोजपा ने दूसरे दल के नेताओं के प्रति सम्मान का भाव रखा है,इसीलिए लोजपा ने कभी भी पहले अमर्यादित शब्दों का प्रयोग नहीं किया। लेकिन सिर्फ लोजपा के तरफ नहीं बल्कि जेडीयू नेताओं की तरफ से मर्यादा का पालन होनी चाहिए.उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार गठबंधन में मजबूरी में आए थे।लोजपा ने भी साथ दिया था। RJD वाले जब नीतीश कुमार को गाली देने लगे तब वहाँ से भागे थे। जेडीयू नेताओं द्वारा की जा रही अभद्र टिप्पणी की लोकतंत्र के लिए उचित नहीं,लोजपा इसकी घोर निंदा करती है।



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