सुशील मोदी का ललन सिंह को जवाब, 'छपास' की बीमारी किसे है पारा-4 को गौर से देखिए, SC ने आदेश सुधार लिया..अब सरकार क्या करेगी?

सुशील मोदी का ललन सिंह को जवाब, 'छपास' की बीमारी किसे है पारा-4 को गौर से देखिए, SC ने आदेश सुधार लिया..अब सरकार क्या करेगी?

पटना. बिहार में नगर निकाय चुनाव को लेकर भाजपा और जदयू में वार-प्रतिवार जारी है। निकाय चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पहले भाजपा के सुशील मोदी ने नीतीश सरकार पर हमला बोला, तो जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने भी सुशील मोदी पर पलटवार किया है। उन्होंने सुशील मोदी पर हमला बोलते हुए कहा था कि सुशील मोदी छपास रोग से ग्रसित हो गये हैं। वे कोर्ट के आदेश को भी ठीक से नहीं पढ़ते हैं। इस पर अब फिर सुशील मोदी ने ललन सिंह पर पलटवार किया है। सुशील मोदी ने ट्वीट कर ललन सिंह से पूछा है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में सुधार कर लिया है। अब किसे छपास की बीमारी है?

सुशील मोदी ने सुप्रीम कोर्ट के नये आदेश की कॉपी को शेयर करते हुए ट्वीट किया 'ललन सिंह छपास की बीमारी किसे है ? Para 4 को ग़ौर से देखिए। Extremely Backward है की नहीं ? सुप्रीम कोर्ट ने 28 Nov. के आदेश में सुधार कर लिया है। अब सरकार क्या करेगी? EBC कमीशन की रिपोर्ट का क्या होगा?

इससे पहले सुशील मोदी पर पलटवार करते हुए जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने ट्वीट किया, 'आप छपास रोग से बुरी तरह ग्रसित हैं। माननीय सर्वोच्च न्यायालय का आदेश भी नहीं पढ़ते हैं। आदेश का कंडिका 4 पढ़ लें। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अति पिछड़े वर्ग के आयोग के गठन पर रोक नहीं लगाई है बल्कि आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के समर्पित आयोग के गठन पर रोक लगाई है।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का जिक्र करते हुए सुशील मोदी ने नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि नगर निकाय चुनाव में राजनैतिक पिछड़ेपन की पहचान हेतु सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार ट्रिपल टेस्ट हेतु एक डेडिकेटेड इंडिपेंडेंट कमीशन बना बनाया जाना था, लेकिन नीतीश कुमार ने अति पिछड़ा आयोग को ही डेडिकेटेड आयोग धिसूचित कर दिया। इसमें अध्यक्ष सहित सभी सदस्य जेडीयू-आरजेडी के वरिष्ठ नेता थे।

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