नियोजित शिक्षक मामला : सुप्रीम कोर्ट में आज फिर होगी सुनवाई , 3.7 लाख शिक्षकों की SC पर टिकी नजरें

नियोजित शिक्षक मामला : सुप्रीम कोर्ट में आज फिर होगी सुनवाई , 3.7 लाख शिक्षकों की SC पर टिकी नजरें

PATNA : बिहार के नियोजित शिक्षकों को समान काम के लिये समान वेतन के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में फिर सुनवाई होगी। बीते 14 अगस्त को नियोजित शिक्षकों की ओर से अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बहस की थी, इसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख आज यानि 16 अगस्त को जारी रखने का आदेश दिया था। बता दें कि इससे पहले समान काम के लिये समान वेतन के मामले में सुप्रीम कोर्ट में कई सुनवाई हो चुकी है। महीने भर से लगातार इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। लेकिन फैसला नहीं आ सका है। अब उन्हें इस मामले में आज फैसला आने का शिक्षक इंतजार कर रहे हैं। कोर्ट के फैसले पर बिहार के 3 लाख 70 हजार नियोजित शिक्षकों की नजरें टिकी हुई हैं।

नियोजित शिक्षकों के समान काम समान वेतन को लेकर बीते 8 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनावाई हुई। 11.54 मिनट पर शुरु हुई सुनवाई 12.50 बजे तक चली, जिसके बाद एकबार फिर सुनवाई गुरुवार 9 अगस्त तक के लिए टाल दी गई। इस मामले पर बीते गुरुवार को सुनवाई हुई थी। उस दौरान सरकार द्वारा वित्तीय प्रबंधन की दुहाई की बात पर फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार बार-बार एक ही बात को न दोहराए। वित्तिय प्रबंधन करना राज्य सरकार का काम है।

बता दें कि राज्य के 3.56 लाख नियोजित शिक्षकों के समान काम समान वेतन के मामले को लेकर न्यायधीश एएम सप्रे और यूयू ललित की खंडपीठ में सुनवाई चल रही है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान बिहार सरकार की तरफ से वरिष्ठ वकील दिनेश द्विवेदी ने पक्ष रखते हुए कहा था कि राज्य सरकार आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है कि इन शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन दे सके। अगर इन शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिया तो स्कूलों को बंद करना पड़ जाएगा। लिहाजा राज्य सरकार इन शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने में सक्षम नहीं है। राज्य सरकार ने कहा था कि जिन लोगों की तुलना की जा रही है वो पुराने टाइम के कैडर शिक्षक है, इसलिए उनके साथ इनकी तुलना नहीं की जा सकती।

गौरतलब है कि बिहार के शिक्षक समान काम के लिये समान वेतन की मांग को लेकर अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। इस मामले में इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में कई बार सुनवाई हो चुकी है। अब तक हुई सुनवाई में जिस तरह से कोर्ट ने इस मामले में सरकार से प्रश्न पूछे हैं, उससे नियोजित शिक्षकों में फैसला प्रोत्साहित करने वाला साबित होने की उम्मीद जगी है। राज्य के 3 लाख 70 हजार नियोजित शिक्षक इस मामले पर फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

इससे पहले इसी मामले में पटना हाईकोर्ट ने 31 अक्टूबर 2017 को नियोजित शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाया था जिसे राज्य सरकार ने 15 दिसंबर 2017 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

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