पशु तस्करी के लिए गोल्डन कॉरिडोर है कटिहार जिले की सीमाएं, डिप्टी सीएम ने भी माना - यह खतरनाक, रोक लगाना बेहद जरुरी

पशु तस्करी के लिए गोल्डन कॉरिडोर है कटिहार जिले की सीमाएं, डिप्टी सीएम ने भी माना - यह खतरनाक, रोक लगाना बेहद जरुरी

KATIHAR : सीमांचल में एक बार फिर से पशु तस्करी का मामला गर्म होने लगा है दरअसल इसके पीछे बड़ी वजह यह है की हाल के दिनों में प्रदेश के डिप्टी सीएम और वर्तमान में पशुपालन मंत्री तार किशोर प्रसाद ने ही इसे लेकर बड़ा बयान जारी करते हुए अधिकारियों को पूरे बिहार के साथ-साथ खास कर सीमांचल में पशु तस्करी के विषय पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिया है।

 बताते चलें कटिहार,पूर्णिया,किशनगंज अररिया सीमांचल के यह जिला नेपाल और बांग्लादेश से सटा हुआ है,इसलिए पशु तस्करी का यह गोल्डन कॉरिडोर भी है, ऐसा नहीं कि पुलिस इस पर अंकुश लगाने के प्रयास नहीं किया है कई बार मवेशी के साथ-साथ तस्कर भी पकड़े गए हैं मगर आज भी तस्करी का यह रैकेट बदस्तूर जारी है।डिप्टी सीएम ने कटिहार में एक बार फिर अपना ये बयान दोहराते हुए कहा कि इस बारे में आवश्यक दिशा निर्देश दिया जा चुके हैं, जबकि डिप्टी सीएम के इस बयान पर राजद के पूर्व मंत्री रामप्रकाश महतो ने कहा कि यह सरकार के तरफ से मूल मुद्दे से गुमराह करने के प्रयास है लेकिन लोग अब इस बारे में समझ चुके हैं, यह केवल राजनीतिक स्टंट है। 

दरअसल कुछ लोग मानते है मवेशी तस्करी के मामले में सीमांचल के इस इलाके में एक धर्म विशेष को टार्गेट करने या प्रभावित करने से जुड़ा हुआ है,इस लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष अपना नफा नुकसान सोचते हुए इस पर बयान जारी करते है,इस बीच डिप्टी सीएम के बयान के बाद सीमांचल के इलाके में पशु तस्करी के मामले पर एक बार फिर राजनीति गर्म है।


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